भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में से एक है। यहां लगभग 65 प्रतिशत नागरिक 35 वर्ष से कम आयु के हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान, सरकार ने इस जनसांख्यिकीय खूबी को विकास संबंधी लाभ में बदलने के उद्देश्य से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, खेल, स्वास्थ्य और नागरिक भागीदारी के क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया है। संयुक्त रूप से, ये प्रयास अमृत पीढ़ी को विकसित भारत@2047 को आकार देने में समर्थ बना रहे हैं।

माई भारत : युवाओं के नेतृत्व वाले विकास का एक मंच

इस परिकल्पना के केन्द्र में ‘मेरा युवा भारत’ है। इसका शुभारंभ अक्टूबर 2023 में 15-29 वर्ष के युवाओं के लिए किया गया था। यह तकनीक-आधारित प्लेटफॉर्म स्वयंसेवा (वॉलंटियरिंग), अनुभव से सीखने की प्रक्रिया, नेतृत्व विकास, कौशल विकास, करियर संबंधी सहायता और नागरिक भागीदारी को एक ही देशव्यापी इकोसिस्टम के दायरे में लाता है।

· विकसित होता राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म – जुलाई 2026 तक, 2.22 करोड़ से अधिक युवाओं ने स्वयंसेवा (वॉलंटियरिंग), अनुभव से सीखने, नेतृत्व विकास, कौशल विकास और करियर संबंधी अवसरों के लिए इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है।

· बड़े पैमाने पर स्वयं सेवा – 1.52 लाख से अधिक स्वयं सेवा के अवसरों ने युवाओं को सामुदायिक सेवा, पर्यावरण से जुड़े कार्यों, सांस्कृतिक पहलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का मौका दिया है।

· अनुभव से सीखना – 24,900 से अधिक अनुभव से सीखने संबंधी कार्यक्रमों ने युवाओं को शासन, स्वास्थ्य सेवा, मीडिया, तकनीक और सार्वजनिक सेवा से जोड़ा है।

शिक्षा: पहुंच , गुणवत्ता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयारी

शिक्षा का इकोसिस्टम अब और अधिक सुदृढ़, डिजिटल एवं नवाचार पर आधारित हो गया है। इसका दायरा भी बढ़ा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षार्थी को केंद्र में रखती है और स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल एवं रोजगार की क्षमता को आपस में जोड़ती है।

· दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल प्रणालियों में से एक – भारत में 14.67 लाख स्कूल हैं, जिनमें 24.72 करोड़ विद्यार्थी पढ़ते हैं और 1.02 करोड़ से अधिक शिक्षक पढ़ाते हैं।

· स्कूल में बने रहने की दर में सुधार – माध्यमिक स्कूल के स्तर पर पढ़ाई छोड़ने वालों की दर 2013–14 में 14.54 प्रतिशत से घटकर 2025–26 में 7 प्रतिशत हो गई।

· डिजिटल कक्षाएं – वर्ष 2025–26 तक 1.49 लाख से अधिक स्कूलों को आईसीटी एवं डिजिटल पहलों के तहत शामिल किया गया। साथ ही, 1.76 लाख से अधिक स्मार्ट कक्षाओं और 1.79 लाख आईसीटी प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई (मार्च 2026 तक)।

• बढ़ता नामांकन – उच्च शिक्षा में नामांकन 2014–15 में 3.4 करोड़ से बढ़कर 2023–24 में 4.5 करोड़ हो गया। महिलाओं का नामांकन 2014-2015 के स्तर से 42.2 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 2.2 करोड़ हो गया।

सरकार ने कौशल विकास की अपनी विभिन्न पहलों के जरिए 6 करोड़ से अधिक लोगों को सशक्त बनाया है। ‘स्किल इंडिया मिशन’ ने प्रशिक्षण को सिर्फ बुनियादी प्रमाणन से हटाकर उद्योग, शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप), डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीक से जुड़े मांग-आधारित मॉडल की ओर बढ़ाया है।

भारत ने खेलों के लिए एक व्यवस्थित रास्ता तैयार किया है, जो स्थानीय स्तर पर प्रतिभा की पहचान से शुरू होकर उच्च स्तर के प्रदर्शन में सहयोग तक जाता है। कोचिंग, बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के अनुभव के साथ, खेलों को अब एक अच्छे करियर के तौर पर देखा जा रहा है।

युवाओं का सशक्तिकरण शारीरिक, मानसिक और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर करता है। विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के तहत किशोरों के अनुकूल सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूकता और व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की सुलभता का विस्तार किया गया है।

निरंतर बारह वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निवेश से भारत के युवाओं में एक स्पष्ट बदलाव आया है। अब अधिक संख्या में युवा भारतीय अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं, उद्योग-जगत की दृष्टि से प्रासंगिक कौशल हासिल कर रहे हैं, औपचारिक रोजगार पा रहे हैं, अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, सामुदायिक जीवन की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं और खेल के सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

यह बदलाव अवसरों की सुलभता, भागीदारी से लेकर नेतृत्व के स्तर तक पहुंचने और युवाओं के लाभार्थी से आगे बढ़कर सह-निर्माता बनने की वजह से संभव हुआ है। नीतियों, संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने एक ठोस नींव रखी है। अमृत पीढ़ी इसे विकसित भारत @ 2047 की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

साइट को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा होस्ट किया जाता है । इस पर सूचनाएं पत्र सूचना कार्यालय, "ए" विंग, शास्त्री भवन, डॉ राजेंद्र प्रसाद रोड़, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001, फोन : 23389338 द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है और अद्यतित की जाती है ।

मुख्य बातें

  • भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में से एक है।
  • यहां लगभग 65 प्रतिशत नागरिक 35 वर्ष से कम आयु के हैं।
  • पिछले कुछ वर्षों के दौरान, सरकार ने इस जनसांख्यिकीय खूबी को विकास संबंधी लाभ में बदलने के उद्देश्य से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमित…

स्रोत और संदर्भ

  1. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) · युवाओं का सशक्तिकरण और बदलता भारत ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

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